Dosti-दोस्ती

 

वक्त कि इस दौड़ में ,

show off कि इस होड़ में,

जलाने कि इस सोच में,

ना जाने लोग क्या कुछ नहीं करते ,

पैसे उड़ाने से, लड़की घुमाने तक ,

नीचा दिखाने से, दोस्ती आज़माने तक.

 

जाने क्यों हर कोई

बस GF पाने के पीछे घूम रहा,

दोस्ती की जाने कोई

बात भी नहीं कर रहा ।  

 

insta वाला प्यार,

या snapchat का इकरार,

इससे अच्छा दोस्तों की वो मार,

उनकी गालियॉं  वाली पुकार।  

 

प्यार और दोस्ती में कभी-कभी, फ़र्क नहीं रहता,

वो बस अपने मतलब से आते हैं,

और अपना काम करवाने के बाद ,

अँधेरे में शामिल हो जाता है।  

 

मैं ये नहीं कह रहा की प्यार सच्चा नहीं,

मैं ये नहीं कह रहा की प्यार मतलबी ही,

पर मैं ये कह रहा की प्यार दोस्ती से ही।  

 

पर इस दोस्ती कि तलाश में

मैं अब-तक दर-दर भटक रहा,

जो मुझे मेरी खूबियों के लिए नहीं

मेरी खामियों के लिए भी अपनाएगा,

और पूरी जिंदगी मेरा साथ निभाएगा,

ऐसे दोस्ती की में अब तक तलाश कर रहा।  

 

कोई मुझे पूछता है, तेरा best friend कौन है ?

मैं हस कर बात टालता हूँ,

और अपने अंदर के खालीपन को, पानी की घूंट सा पी जाता हूँ।  

 

ख़ुशी में शामिल होने

party मांगने सब जाते है,

लेकिन मेरी चुप्पियाँ, गम और दर्द सुनने

कितने रह जाते है ? 

 

इस में लोगों की गलती नहीं

वो मुझे खिलौना बना रखे है,

पर ये मेरी गलती है,

की इस खिलोने में चाबी भरने के लिए

अभी सही व्यक्ति नहीं है।  

 

उन् गुमनाम रातों में,

उन् सितारों कि खिलखिलाती बातों में,

मैं भी अपनी feelings को रोक ना पाया,

मैंने भी अपना दुखड़ा गाया,

जो कोई सुन्न पाया,

बस मेरे आंसुओं ने अपना शोक जताया,

फिर अगले हि पल एक दोस्त का फ़ोन आया,

मैंने अपना गम छुपाया,

और मुस्कुराता नकाप लगाया,

और मदद करने चला आया।  

 

शायद किसी के लिए हमेशा हाज़िर रहो

ये भी एक दिक्कत है,

पर अपने ज़रा भाव तो बढ़ा लो,

तो ज़मीन पे आने की नसीहत हैं।  

 

एक दोस्त कि इस तलाश में

मैं कहीं घूम सा गया हुँ,

इन् मतलबी बादलों में

कही खो सा गया हुँ,

इस अकेलेपन की बिजली से

मैं काँप सा गया हुँ,

फ़िर भी दोस्ती की तलाश में

सूरज ढूंढने फिर निकला हुँ।  

 

कितने ही लोग आये,

और कितने ही लोग इन् बादलों में समाये,

लेकिन उस सूरज की किरण कोई ना दिखलाये।  

 

मेरे छुपे हुए गम को

शायद ये कविता ही दिखलाये,

और मुझे शायद मेरा दोस्त

इसी से मिल जाए ,

मुझे शायद मेरा दोस्त

इसी से मिल जाए   ।  

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